Trending
News / 16th Feb 2026

41वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, रानीडंगा द्वारा महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य भंडारे का आयोजन

41वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, रानीडंगा द्वारा महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य भंडारे का आयोजन

 

दिनांक 16 फरवरी 2026 को, प्रत्येक वर्ष की परंपरा का निर्वहन करते हुए, 41वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), रानीडंगा द्वारा महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धा, आस्था एवं सेवा-भाव से ओतप्रोत भव्य भंडारे का गरिमामय आयोजन किया गया। *यह आध्यात्मिक एवं सामाजिक आयोजन वाहिनी के कमांडेंट श्री योगेश सिंह के कुशल नेतृत्व एवं प्रेरणास्पद मार्गदर्शन में अत्यंत सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।*

 

*भंडारे से पूर्व, दिनांक 15 फरवरी 2026 को वाहिनी स्थित सर्वधर्म प्रार्थना स्थल पर सीमांत सिलीगुड़ी के महानिरीक्षक श्री वंदन सक्सेना एवं संदीक्षा अध्यक्षा डॉ. अमिता सक्सेना द्वारा समस्त जनमानस की सुख-समृद्धि, शांति एवं मंगलकामना हेतु देवाधिदेव महादेव की वैदिक रीति-विधि से पूजा-अर्चना एवं आरती संपन्न की गई।* इस पावन अवसर पर कमांडेंट श्री योगेश सिंह, संदीक्षा सदस्याओं, अधिकारियों तथा समस्त कार्मिकों ने अत्यंत श्रद्धा एवं भक्तिभाव से भजन-कीर्तन में सहभागिता कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से अनुप्राणित किया।

 

भगवान शिव की आराधना को समर्पित इस पर्व ने संपूर्ण परिसर को भक्तिमय उल्लास और दिव्य आभा से आलोकित कर दिया। मंत्रोच्चारण की गूंज, मधुर भजन-कीर्तन तथा श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ने आयोजन को विशिष्ट गरिमा एवं आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान की।

 

इस अवसर पर सीमांत सिलीगुड़ी, क्षेत्रक मुख्यालय रानीडंगा तथा 41वीं वाहिनी की वरिष्ठ संदीक्षा सदस्याओं, अधिकारियों एवं महिला-पुरुष कार्मिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। सभी ने समर्पण भाव से प्रसाद वितरण एवं व्यवस्थाओं के संचालन में योगदान देकर सामूहिक सहयोग, अनुशासन एवं एकजुटता का उत्कृष्ट परिचय दिया।

 

दिनांक 16 फरवरी को आयोजित भंडारे में हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिकों ने श्रद्धापूर्वक उपस्थित होकर प्रसाद ग्रहण किया। इस आयोजन ने सुरक्षा बल एवं स्थानीय समुदाय के मध्य पारस्परिक विश्वास, सौहार्द एवं सहयोग की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।

 

ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के माध्यम से 41वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल न केवल अपनी कर्तव्यनिष्ठा एवं सामाजिक प्रतिबद्धता का सशक्त प्रदर्शन करती है, बल्कि समाज के साथ आत्मीय संबंध स्थापित करते हुए सेवा, समर्पण एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

 

यह भव्य आयोजन श्रद्धा, अनुशासन, समरसता एवं सामूहिक एकात्मता का प्रेरक प्रतीक बनकर उपस्थित सभी जनों के लिए अविस्मरणीय एवं अनुकरणीय रहा।

Leave a comment

Newsletter

Email subscription is an opportunity to receive an interesting newsletter from our website

Trending

We are not about too much noise and too little content. We are about in-depth information and analysis on all issues and developments in society and in the field of art, culture, sports, read more

© All Rights Reserved. Designed by NETDEMI