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News / 2nd Nov 2026

बिहार के भागलपुर में नितिन नवीन का विपक्ष पर निशाना, बोले- लोकतंत्र नहीं, विपक्ष की कुर्सी खतरे में

 

- अपराह्न करेंगे बंगाल कोलकोता में रैली, पदयात्रा के माध्यम से लोगों को बताएंगे सच्ची बात 
अशोक झा/ सिलीगुड़ी: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आज पूर्व निर्धारौत कार्यक्रम के तहत बिहार के भागलपुर में सोमवार को 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत आयोजित पदयात्रा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र खतरे में नहीं है, बल्कि विपक्ष की कुर्सी खतरे में है। विपक्षी दल अपनी राजनीतिक नाकामियों से सीखने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
भागलपुर के लाजपत पार्क में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के नेता झूठ की खेती कर रहे हैं. बिहार से शुरू हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर विपक्ष ने वोट चोरी का आरोप लगाया, लेकिन चुनाव आयोग में शिकायत करने का अवसर मिलने के बावजूद उन्होंने कोई शिकायत नहीं की।नितिन नवीन ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 60 दिन का समय दिया गया था। भाजपा और एनडीए के कार्यकर्ताओं ने जनता के साथ मिलकर इस प्रक्रिया में भाग लिया, जबकि कांग्रेस और राजद के नेता जनता के बीच नहीं पहुंचे. उन्होंने कहा कि एसआईआर पूरा होने के बाद विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा और जनता ने चुनाव में उसे इसका जवाब दिया।उन्होंने कहा कि कांग्रेस, राजद, समाजवादी तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसे विपक्षी दलों को जनता ने अलग-अलग राज्यों में नकार दिया है. इसके बाद ये दल संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष का मकसद केवल सत्ता हासिल करना है भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के लिए लोकतंत्र की रक्षा और संविधान सर्वोपरि है. उन्होंने सवाल किया कि जब विपक्ष चुनाव जीतता है तो लोकतंत्र की जीत बताता है, लेकिन हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल क्यों उठाता है.
उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार का जिक्र करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार, आतंकवाद, युवाओं में निराशा और महिलाओं की असुरक्षा जैसे मुद्दों के कारण जनता ने कांग्रेस को नकारा था. उन्होंने कहा कि 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता ने पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास, जनकल्याण और देश की सुरक्षा के मुद्दों पर एनडीए को समर्थन दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों के टूलकिट के रूप में इस्तेमाल हो रहे हैं और इंडिया के विकास को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कोलकाता में कॉलेज स्ट्रीट से धर्मतला तक इस पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के भी शामिल होने की बात कही गई है। अभियान के तहत राज्य के पांच संगठनात्मक क्षेत्रों में कार्यक्रम होंगे। जानें इस पदयात्रा के क्या हैं 5 बड़े सियासी मायने? देश में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के बढ़ते सियासी हमलों के बीच बीच भी अब सड़कों पर उतरकर तगड़ा पलटवार करने जा रही है. इसकी अगुवानी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन खुद करने वाले हैं. वह सोमवार को कोलकाता में एक विशाल पदयात्रा का नेतृत्व करने वाले हैं. ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित यह मार्च कोलकाता के प्रसिद्ध कॉलेज स्ट्रीट से शुरू होकर धर्मतला पर खत्म होने वाला है. एक तरफ विपक्षी दलों की तरफ से दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली की गई और केंद्र सरकार पर लगातार  ‘वोट चोरी’ के आरोपों लगाए जा रहे हैं. ऐसे में बीजेपी की तरफ से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत कोलकाता में पदयात्रा के क्या हैं 5 बड़े सियासी मायने हैं?
नितिन नवीन की कोलकाता पदयात्रा के पीछे क्या है BJP का प्लान SIR से चुनाव तक समझिए 5 बड़े सियासी मायने
विपक्ष के ‘वोट चोरी’ नैरेटिव का जवाब:दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली के जरिए विपक्ष ने ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया है. केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए गए. अब बीजेपी कोलकाता से अपने अभियान के जरिए इस नैरेटिव का जवाब देने की कोशिश करने वाली है. पार्टी का संदेश है कि विपक्ष के आरोपों और विरोध प्रदर्शनों के बीच वह भी जनता के बीच जाकर अपना पक्ष रखेगी. इस तरह दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की लड़ाई अब सड़कों पर दिखाई दे रही है.
SIR के मुद्दे पर अपनी बात जनता तक पहुंचाना:पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक टकराव जारी है. विपक्ष इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है और मतदाताओं के नाम कटने की आशंका जता रहा है. दूसरी तरफ बीजेपी विपक्ष के विरोध को गलत जानकारी फैलाने की कोशिश बताती है. ऐसे में पदयात्रा के जरिए पार्टी SIR पर अपना पक्ष लोगों तक पहुंचाना चाहती है. यह अभियान इस मुद्दे पर चल रही राजनीतिक बहस में बीजेपी की जवाबी रणनीति का हिस्सा है.
बंगाल में संगठन को सक्रिय करने की कोशिश:बीजेपी इस अभियान को केवल कोलकाता तक सीमित नहीं रखना चाहती. पार्टी की योजना राज्य के पांच संगठनात्मक क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की है. इसके अगले चरण में 11 से 30 नवंबर के बीच करीब 800 स्थानों पर कार्यक्रम करने की तैयारी है. इससे साफ है कि पार्टी इस अभियान के जरिए अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और अलग-अलग इलाकों में संगठन की मौजूदगी बढ़ाना चाहती है.
कोलकाता और हावड़ा के नगर निकाय चुनावों पर नजर:इस पदयात्रा का एक अहम राजनीतिक पहलू कोलकाता और हावड़ा के नगर निकाय चुनाव भी हैं. बीजेपी इन चुनावों की तैयारियों में जुटी है. नितिन नवीन के दौरे को इसी संगठनात्मक तैयारी से जोड़कर भी देखा जा रहा है. पदयात्रा के जरिए पार्टी शहरी इलाकों में अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाने और स्थानीय कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कोशिश कर रही है. ऐसे में यह कार्यक्रम आगामी स्थानीय चुनावों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय नेतृत्व और बंगाल इकाई के बीच तालमेल:नितिन नवीन के साथ मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की मौजूदगी भी इस कार्यक्रम का अहम पहलू है. राष्ट्रीय अध्यक्ष का खुद सड़क पर उतरना प्रदेश इकाई के लिए संगठनात्मक संदेश है. इससे केंद्रीय नेतृत्व और बंगाल के नेताओं के बीच तालमेल दिखाने की कोशिश भी होगी. पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक साझा अभियान के तहत जोड़ना चाहती है।

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